जब बादलों में बहुत सारी छोटी-छोटी चीजें आपस में रगड़ती हैं, तो बिजली जैसी पैदा होती है. फिर यह बिजली बहुत तेज़ी से बादलों से ज़मीन की तरफ नीचे आती है, और इससे चमक पैदा होती है जिसे हम बिजली चमकना कहते हैं.
ध्यान देंबच्चे के जवाब से 'आवेश' (charge) और 'आवेशित कणों' (charged particles) की अवधारणा को बाहर रखा गया है. इसे तब दोबारा समझाया जा सकता है जब बच्चे थोड़े बड़े हों और उनके लिए ये विचार समझना आसान हो जाए, शायद तब जब वे विज्ञान में 'स्थिर बिजली' (static electricity) के बारे में सीखें.
आपके लिएबिजली चमकने की प्रक्रिया बादलों के भीतर और बादलों व ज़मीन के बीच में आवेशित कणों के असमान वितरण के कारण होती है. बादलों के भीतर छोटे बर्फ के क्रिस्टल, ओले और पानी की बूंदें एक-दूसरे से टकराकर आवेशित हो जाती हैं. जब बादलों के विभिन्न हिस्सों या बादल और ज़मीन के बीच में आवेश का अंतर बहुत ज़्यादा हो जाता है, तो यह बिजली एक बड़े 'स्पार्क' के रूप में निकलती है, जिसे हम बिजली चमकना कहते हैं.